Monday, November 20, 2023

ए देश कैसे चलेगा

शिक्छा बिभाग मे अभी पारदशीय बिदद्यालयो मे बार्षिक परिक्छा कराने  का शशना देश जारी किया गया ,की बच्चों का भी साल मे एक बार  परिक्छा होनी चाहिए जिससे ए तो मालूम पड़े की बच्चे ने साल मे क्या पढ़ा ।सरकार ने कभी सोचा की आखिर मे उन बच्चों का क्या होगा जो सरकारी स्कूउलो मे पढ़ रहे है । जरा सोचिये अगर सभी जें यन उ के कन्हैय्या हो जाय तो क्या होगा । ककछा 1 से 8 तक के पाठ्यक्रम का अस्टर यही है की अगर केवल एक महीने खूब मेहनत से पढ़ा दिया जाय तो बच्चे अपने क्लास के टोप्पर हो सकते है । कैसी बिडम्बना है की मास्टर तो सभी बंनना चाहते है लेकिन पढ़ाई कोई नही करना चाहता ।
क्या सरकार इसी लिए प्राथमिक सिक्छा को एक मजाक जान बूझ कर बनाना चाहती है की अगर बच्चे पढ़ लिख लिए  तो हमारी बात कैसे मानेगे ? हर बात पर बहस करेंगे .अगर ऐसी सोच है तो यह राष्ट्र के साथ एक धूर्तता है केंद्रा औउर राज्य की सरकारो को अपनी मंनमांनी नीतियों की समीक्छा करनी चाहिए 
कृष्णा सिंह jnp

No comments:

Post a Comment